Road Safety Hip-Hop Song: "अपना जीवन, अपनी सुरक्षा" रफ़्तार का जुनून या अपनों का सुकून थीम पर आधारित अत्यंत रोचक किन्तु गंभीर गीत है|
अपना जीवन, अपनी सुरक्षा
चलाओ न गाड़ी बहुत तेज,
दुर्घटना का है डर।
जल्दी जाकर करोगे क्या?
नहीं पहुंचोगे जब घर... घर... घर.. घर।
चलाओ न गाड़ी बहुत तेज,
दुर्घटना का है डर।
जल्दी जाकर करोगे क्या?
नहीं पहुंचोगे जब घर... घर ..घर... घर।
परवाह नहीं तुझे खुद की फिर भी,
सोचो तुम अपनों की..अपनों की.. अपनों की.. अपनों की।
परवाह नहीं तुझे खुद की फिर भी,
सोचो तुम अपनों की।
बिखर जाएगा पल में सब कुछ,
गति होगी क्या सपनों की.. सपनों की.. सपनों की.. सपनों की।
इसलिए,
चलाओ न गाड़ी बहुत तेज,
दुर्घटना का है डर।
जल्दी जाकर करोगे क्या?
नहीं पहुंचोगे जब घर... घर ..घर... घर।
जान है तो संपूर्ण जहां,
जीवन है बहुत कीमती...कीमती.. कीमती.. कीमती।
जान है तो संपूर्ण जहां,
जीवन है बहुत कीमती।
बीच सड़क स्टंट दिखा,
न समझो खुद को हिम्मती...हिम्मती.. हिम्मती.. हिम्मती।
इसलिए,
चलाओ न गाड़ी बहुत तेज,
दुर्घटना का है डर।
जल्दी जाकर करोगे क्या?
नहीं पहुंचोगे जब घर... घर ..घर... घर।
आदत यही ले डूबेगी,
तुम हो या कोई दूजा... दूजा...दूजा.. दूजा।
आदत यही ले डूबेगी,
तुम हो या कोई दूजा।
करतब करने की अपनी जगह,
न संघर्षों से तू जूझा..जूझा... जूझा.. जूझा।
इसलिए,
चलाओ न गाड़ी बहुत तेज,
दुर्घटना का है डर।
जल्दी जाकर करोगे क्या?
नहीं पहुंचोगे जब घर... घर ..घर... घर।
हेलमेट नहीं पहनूंगा,
बिगड़ेंगे ये केश.. केश..केश..केश|
हेलमेट नहीं पहनूंगा,
बिगड़ेंगे ये केश।
हद से अधिक ये मूर्खता,
न जान रहेगी शेष... शेष.. शेष.. शेष।
इसलिए,
चलाओ न गाड़ी बहुत तेज,
दुर्घटना का है डर।
जल्दी जाकर करोगे क्या?
नहीं पहुंचोगे जब घर... घर ..घर... घर।
कमी ज्ञान की, तू लापरवाह,
ज़िग-जै़ग चलने वाला तू... वाला तू.. वाला तू... वाला तू।
कमी ज्ञान की, तू लापरवाह,
ज़िग-जै़ग चलने वाला तू।
झूठी शान दिखलाता रोज़ ,
ख़ुद को किस सांचे में ढाला तू...ढाला तू...ढाला तू...ढाला तू।
इसलिए,
चलाओ न गाड़ी बहुत तेज,
दुर्घटना का है डर।
जल्दी जाकर करोगे क्या?
नहीं पहुंचोगे जब घर... घर ..घर... घर।
सड़क सुरक्षा को समझो तो,
खुद की रक्षा होगी.. होगी... होगी.. होगी।
सड़क सुरक्षा को समझो तो,
खुद की रक्षा होगी।
ट्रैफिक नियम पालन कर वरना,
कोर्ट,अस्पताल में क्लास होगी..होगी..होगी... होगी।
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इसलिए,
चलाओ न गाड़ी बहुत तेज,
दुर्घटना का है डर।
जल्दी जाकर करोगे क्या?
नहीं पहुंचोगे जब घर... घर ..घर... घर।
चलाओ न गाड़ी बहुत तेज,
दुर्घटना का है डर।
जल्दी जाकर करोगे क्या?
नहीं पहुंचोगे जब घर... घर ..घर... घर।
- कृष्ण कुमार कैवल्य।
Road Safety Hip-Hop Song: "अपना जीवन, अपनी सुरक्षा" से संबंधित शब्दार्थ/भावार्थ -
वज्रपात - अचानक आयी आफ़त, मुसीबत,

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