Poem on Social-Site “Explurger” in Hindi – एक ख़ास कविता है; जो सोशल मीडिया ऐप एक्सप्लरज़र के बारे में बतलाती है|
इस ऐप को फ़िल्म एक्टर सोनू सूद जी ने अपने मित्र श्री जितिन भाटिया के साथ मिलकर लॉन्च किया है|ये ए.आई. (A.I.) पर आधारित बिलकुल नया भारतीय सोशल साईट है| यह साईट पूरे विश्व के लोगों को जोड़ते हुए उन्हें अपने अनुभव, तस्वीरें, वीडियो, ट्रैवल, लाइफ स्टाइल आदि अपलोड करने का अवसर देती है|साथ ही संसार का यह ऐसा पहला सोशल मीडिया है; जो लोगों को इस ऐप से कनेक्ट होने के लिए रिवार्ड्स भी देती है|इसे विस्तार से समझने के लिए आप इससे जुड़ सकते हैं और इसका आनंद उठा सकते हैं| पिछले ही वर्ष यानी 07 जून, 2022 से यह विश्व पटल पर छाया है| और बहुत तेजी से दुनिया भर में लोकप्रिय होता जा रहा है|
एक्सप्लरज़र
एक ख़ास सोशल साईट,
नाम इसका एक्सप्लरज़र |
है बड़ी अनोखी
पहुँच इसका घर-घर|
जिस पर ये आधारित,
वह है ए.
आई.(A.I.)|
अपने गुणों के कारण
हर ओर है छाई|
भारत में ये जन्मा
संसार के लिए|
कुछ नहीं बुराई
सपरिवार के लिए|
ईनाम देती है|
हर ख़ास व आम को भी
नाम देती है|
“यहाँ नहीं तो
सोशल नहीं”
इसका
मोटो|
यहाँ सबसे ख़ास
“सोनू जी” का फोटो|
भविष्य इसका उज्ज्वल
देते आशीष हरिहर|
{दुनिया में फैला
ये एक्सप्लरज़र|}-2
***कृष्ण कुमार कैवल्य***
Poem on Social-Site “Explurger” in Hindi से जुड़े शब्दार्थ -
· सपरिवार
– पूरा परिवार|
· मोटो – आदर्श उक्ति, नीति
वाक्य, आदर्श वाक्य|
· सोनू जी – अभिनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनू सूद जी|
· हरिहर –
भगवान का एक नाम|
Poem on Social-Site “Explurger” in Hindi में उपयुक्त कुछ शब्दों का विस्तृत विवरण-
· A I – इसका फुल फॉर्म Artificial Intelligence
(कृत्रिम बुद्धिमता) है|
दरअसल A I सोंचने-समझने और फैसला लेने की एक आधुनिक एवं अद्भुत मशीनी
व्यवस्था है|
A I की
शुरुआत 1950 के दशक में हुई जो 1970 के दशक में स्पष्ट रूप से स्थापित हो गया| यह एक
क्रांतिकारी तकनीक है; जिसका सही इस्तेमाल दुनिया को काफ़ी आगे ले जाएगा|
· हरिहर – हरि अर्थात् श्री विष्णु तथा हर अर्थात्
भगवान् शिव| इन दोनों के मिश्रित रूप को हरिहर के नाम से
जाना जाता है| इन दोनों रूपों के सम्मिलन के कारण वैष्णव एवं शैव दोनों मतों में हरिहर
जी बहुत ही पूजनीय हैं| हरिहर जी को शंकरनारायण अथवा
शिव-केशव नाम से भी जाना जाता है| हरिहर जी मंदिर बदराना गाँव, उदयपुर, राजस्थान में है| इसका
निर्माता अकबर के समकालीन चित्तौड़ के महा प्रतापी अजेय शासक महाराणा प्रताप को माना जाता है|
इसके अलावे बिहार के सारण
जिले में स्थित सोनपुर क्षेत्र में( गंडक नदी के तट पर) हरिहर नाथ
जी का काफ़ी पुराना मंदिर है| यही पर यानी हरिहर क्षेत्र में पशु मेला हर वर्ष कार्तिक
पूर्णिमा को (नवम्बर-दिसंबर) लगता है| यह मेला एक माह तक
लगता है| यह पशु मेला एशिया का
सबसे बड़ा पशु मेला है| समय बदलने के साथ- साथ यह मेला केवल पशु मेला तक सीमित नहीं
रह गया है| बल्कि इसका रूप बहुआयामी हो चला है, जो काफ़ी सकारात्मक साबित हो रहा है| इसमें सरकार का
निःसंदेह बहुत बड़ा योगदान है|


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