Interesting-Poem on ‘Rupee’ in Hindi

Interesting-Poem on ‘Rupee’ in Hindi -  भारत में रूपया विनिमय का सशक्त माध्यम है| 

वाणिज्य-व्यापार समेत सभी आर्थिक गतिविधियों के केंद्र में रूपया ही अवस्थित है| फूटी कौड़ी, कौड़ी, दमड़ी, धेला, पाई, पैसा तथा आना जैसी मुद्रा की इकाइयाँ भारत की मुद्रा प्रणाली का हिस्सा बनी रहीं|

आज रूपया अमूर्त रूप भी धारण कर चुका है; जो ऑनलाइन माध्यम से व प्लास्टिक मनी के रूप में धड़ल्ले से प्रचलित होता जा रहा है| रूपये के मूल्य की गारंटी भारत सरकार देती है| विभिन्न देशों की मुद्रा का नाम अलग-अलग है| मुद्रा भौतिक जगत के केंद्र में स्थित अवश्य है, परन्तु इसको सब कुछ समझने की भूल कदापि न करें| ऐसा समझने वाले तब इंसान नहीं रह जाते| वे इंसानियत से गिर चुके होते हैं|

प्रस्तुत है मुद्रा को रेखांकित करती कविता – “रूपया|”


रूपया

‘फूटी कौड़ी’, ‘कौड़ी’, ‘दमड़ी’,

‘धेला’, ‘पाई’, ‘पैसा’|

‘आना’ तब ‘रूपये’ का आना,

समय जब रहा जैसा|

 

इन सभी नामों से बनी हैं

कई सारी कहावतें|

विविध रूप में घुमा-फिरा कर

होती हैं कई बातें|

 

‘फूटी कौड़ी’ नहीं पास में,

‘धेले’ भर वह करता नहीं काम|

चमड़ी जाए पर ‘दमड़ी’ नहीं जाए,

रख ‘पाई-पाई’ हिसाब सुबह-शाम|

 

सोलह ‘आने’ सच की उक्ति,

उदाहरण हैं कई और|

हर काम के केंद्र में ‘पैसा’,

रुपया’ बना सिरमौर|



रूपये का है इतिहास हमारा,

है ये मुद्रा प्रणाली|

सफ़ेद तौर पर कोई कमाता,

होती विधि किसी की काली|

 

नए ज़माने में बदली है,

लेन-देन की व्यवस्था|

ऑनलाइन की रेल चली है,

है ये सरल व सस्ता|

 

प्लास्टिक-मनी का जोर ख़ूब है,

होते हैं झटपट काम|

साइबर क्राइम भी अति हो रहे,

बात ये है अब आम|


Image by Alina Kuptsova from Pixabay


सतर्क रहो बहुत लेनदेन में,

करो पालन नियमों का तुम|

लालच में कभी भी नहीं पड़ना,

वरना पैसे होंगे गुम|


 

कोई रूपये को लक्ष्मी है कहता,

कहता कोई है धन|

संतोष नहीं करता है मानव,

बढ़ता जाता है मन|

 

रुपये की नहीं कोई सीमा,

नहीं है इसका अंत|

लोग पूरे दीवाने इसके,

बढ़ते जाते अनंत|

 

रुपये से बड़े हैं रिश्ते,

खोना नहीं तुम इनको|

एक बार जो चले गये फ़िर,

नहीं पाओगे उनको|


Image by Craig Clark from Pixabay


जीवन में संतुलन ज़रुरी,

माना रूपया है बहुत कुछ|

           मुद्रा की है अपनी महत्ता,

है पर नहीं ये सब-कुछ|

           मुद्रा की है अपनी महत्ता,

है पर नहीं ये सब-कुछ|

          ==कृष्ण कुमार कैवल्य==| 


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Interesting-Poem on ‘Rupee’ in Hindi  से जुड़े शब्दार्थ/भावार्थ –

Ø सशक्त – शक्तिशाली, शक्ति-युक्त|

Ø विनिमय – लेन-देन, आदान-प्रदान|

Ø अमूर्त – बिना ढाँचे का, निराकार, न छूने योग्य|

Ø विविध – विभिन्न|

Ø सिरमौर – मुकुट, सरताज, सर्वोच्च स्थान पर विराजमान|

Ø मितव्ययी – कम खर्चीला|

Ø अनभिज्ञ – जानकर न होना|

Ø चंद – कुछ, थोड़ा|

Ø तत्काल – तुरंत, फ़ौरन|

 

Interesting-Poem on ‘Rupee’ in Hindi से सम्बद्ध कुछ खास शब्दावलियों की संक्षिप्त विवेचना –

·      साइबर क्राइम (Cyber-Crime) – ऑनलाइन माध्यम से कुछ गलत लोगों द्वारा सीधे व अनभिज्ञ लोगों को शिकार बनाना साइबर क्राइम के तहत आता है|

मुख्यतः कंप्यूटर या मोबाईल के माध्यम से संचालित ऐसे अपराध में किसी का निजी सन्देश/डेटा/जानकारी प्राप्त की जाती है और उसका गलत इस्तेमाल किया जाता है|

 

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·      प्लास्टिक मनी (Plastic Money) – प्लास्टिक मनी वास्तव में प्लास्टिक कार्ड को कहते हैं; जिसके माध्यम से बिना बैंक नोट के भी लोग सेवाओं की खरीदारी, उपयोग व उपभोग कर सकते हैं| प्लास्टिक मनी के कुछ उदाहरण हैं – क्रेडिट-कार्ड, डेबिट-कार्ड|

 

·      ऑनलाइन पेमेंट/ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (Online Payment/ Online Transaction) –   ऑनलाइन पेमेंट/ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का अर्थ है इंटरनेट के माध्यम से पैसों को एक खाते से दूसरे खाते में पहुंचाना| इस प्रकार के लेनदेन में चंद सेकेंड लगते हैं और लेनदेन पूरे विश्व में कहीं भी तत्काल प्रभाव से हो जाता है|

यह काफ़ी सरल, सहज़ तथा मितव्ययी व्यवस्था है| परन्तु सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखना परमावश्यक है|

 

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