Motivational and Hopeful Lyric in Hindi - 'रुकना नहीं'

Motivational and Hopeful Lyric in Hindi – ‘रुकना नहीं’ एक आशावादी एवं प्रेरणादायी गीत है| 

ज़िन्दगी में आ रही समस्याओं के प्रति मनुष्य को हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण रखना चाहिए| ये दुःख भी हमारे लिए कहीं न कहीं कोई संदेश ले आते हैं| संभव हो कि पीड़ित व्यक्ति के लिए ये एक नयी राह बना रहे हों| इसलिए जरुरी है कि इंसान इन मुसीबतों से जुझे और एक विजेता बन कर इनसे बाहर निकले|

प्रस्तुत गीत ‘रुकना नहीं’ मनोबल बढ़ाने और जीत का सन्देश देता है, जो इस प्रकार है –

गीत -‘रुकना नहीं’


Motivational and Hopeful Lyric in Hindi
 Image by Sasin Tipchai from Pixabay


{सुख-दुःख तो आते रहेंगे,
जीवन है सारा संग्राम}-2
चलना तू चलते ही जाना,
रुकना नहीं है तेरा काम|
{जीवन है सारा संग्राम}-4


{बन जाए नरक जब जीवन,
रोने में क्या रखा है} -2
मान ‘शुरू’ तुम इस जीवन को,
चलना ही तो अच्छा है|


सुख-दुःख तो आते रहेंगे,
जीवन है सारा संग्राम
चलना तू चलते ही जाना,
रुकना नहीं है तेरा काम|
{जीवन है सारा संग्राम}-4


{जीवन की शुरुआत कर,
बुन ले तू नए सपने}-2
बढ़ता तू जाएगा आगे,
मिलेंगे तुझको कई अपने|


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सुख-दुःख तो आते रहेंगे,
जीवन है सारा संग्राम
चलना तू चलते ही जाना,
रुकना नहीं है तेरा काम|
{जीवन है सारा संग्राम}-4


{पैरों तले होगा आसमाँ,
मुट्ठी में ये जग सारा|}-2
खिल जाएगी दिल की बगिया,
होगा सब प्यारा-प्यारा|


सुख-दुःख तो आते रहेंगे,
जीवन है सारा संग्राम|
चलना तू चलते ही जाना,
रुकना नहीं है तेरा काम|
{जीवन है सारा संग्राम}-4


motivate others to find their goal

 Image by Shri ram from Pixabay



{चलता रहेगा ये मुसाफ़िर,
करते सबको दुआ-सलाम|}-2
सोंच सही रख कर तुम चलना,
बन जाएंगे सारे काम|


सुख-दुःख तो आते रहेंगे,
जीवन है सारा संग्राम
चलना तू चलते ही जाना,
रुकना नहीं है तेरा काम|
{जीवन है सारा संग्राम}-2
{जीवन है सारा संग्राम}-2

                                          ===  कृष्ण  कुमार कैवल्य ===                                    


Motivational and Hopeful Lyric in Hindi – ‘रुकना नहीं’ से जुड़े शब्दार्थ–

आसमाँ  – आकाश
बगिया – बगीचा
मुसाफ़िर – यात्री



Motivational and Hopeful Lyric in Hindi - 'रुकना नहीं' से संबंधित दो बातें -

मित्रों, कुछ दुःख ऐसे भी होते हैं जो जीवन का हिस्सा बन जाते हैं| उन्हें हम हटा नहीं सकते| ऐसे में हमें उनके साथ जीना सीख लेना चाहिए| क्योंकि ज़िन्दगी में कभी-कभी समझौतावादी दृष्टिकोण अपनाना पड़ता है|

 किन्तु इसका अर्थ हार नहीं है| घर बनाने के लिए कुछ ईंटों को नींव में जाना ही पड़ता है| याद रखें कि नींव के ये ईंट हीं घर को मज़बूत आधार प्रदान करते हैं| अतः गृह निर्माण हेतु वे निरर्थक नहीं अपितु परम सार्थक होते हैं| शायद ये प्रकृति कुछ ख़ास लोगों को नींव की ईंट बनने के काबिल मानती है| 

आपने देखा होगा कि निठल्ले लोग अपने काम से मुंह मोड़कर कुंडली मारे बैठे रहते हैं|  ऐसे लोग सोचतें हैं - बने रहो पगला, काम करेगा अगला | और आज समाज में ऐसे लोगों की कोई कमी नहीं हैं| 

जबकि जो ज़िम्मेदार होते हैं, वे ही चुनौतियों से जूझते हैं| उन्हें प्रारंभ में भले ही दुःख उठाना पड़ता है| परन्तु अंततः ये प्रकृति उन्हें उनके परिश्रम का फल अवश्य देती है| इसलिए हमें रचनात्मक व आशावादी दृष्टिकोण सदा बनाए रखना चाहिए और अपने कर्मपथ पर कभी रुकना नहीं चाहिए| क्योंकि ज़िंदगी चलने का नाम है|

धन्यवाद्|🙏



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