Interesting Poem For Children in Hindi: "भारतीय रेल"

Interesting Poem For Children in Hindi: "भारतीय रेल" –  एक ऐसी कविता है जो रुचिकर तरीके से भारतीय रेल को हमारे देश की जीवन रेखा के रूप में प्रस्तुत करती है|

 जैसे हमारे शरीर में धमनियां ( रक्त वाहिकाएँ) हृदय से आक्सीजन-युक्त शुद्ध रक्त लेकर शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचती  हैं, वैसे ही भारतीय रेल भी विशुद्ध रूप से यात्रियों को लेकर देश के विभिन्न भागों तक पहुंचती है|

इस कविता को पढ़कर बच्चों को भारतीय रेल के प्रति जुड़ाव एवं लगाव महसूस होगा| विशेष बात यह है कि इस कविता  को गीत -रुप में भी  प्रस्तुत किया जा सकता है|


भारतीय रेल


pleasing children's poem "indian-rail"
 Image by KARTICK DUTTA from Pixabay


देश रूपी देह की मैं पूरी धमनी हूँ|

राजा हो या हो रंक, सबकी मैं रमणी हूँ|


चलने में छन-छन पायल सी होती है|
चाल मेरी कभी भी लय नहीं खोती है|


आने और जाने की आहट दे जाती हूँ|
बीच-बीच में मैं सिटी बजाती हूँ|


मेरे भी रुप कई, कई सारे नाम हैं|
पहचान सबकी अपनी, बहुत सबका मान है|


बहुत ही सधे कदम होते हैं मेरे|
ध्येय मेरे होते एक, नहीं बहुतेरे|


राहों में ढेर सारी बाधाएं आती हैं|
पर मेरे पैर वे रोक नहीं पाती हैं|


मॉडर्न होना मुझे भी बहुत ही भाता है|
सहारा तकनीक का लेना भी आता है|


चलने में मदद करती है मुझे दामिनी|
मेरा एक अन्य नाम लौहपथगामिनी|


Interesting Children's Poem "Indian-Rail" in hindi

 Image by Free-Photos from Pixabay


एक छोर से दूजे छोर तक जाती हूँ|
जीवन के विविध रंग भी मैं दिखाती हूँ|


कुदरत की छटा को दिखाती पास मैं|
सोंचते हैं सभी छू लेता उन्हें काश मैं|


ख़ूब मौज़-मस्ती लोगों को कराती हूँ|
अच्छे-अच्छे व्यंजन भी उनको दिलाती हूँ|


अनहोनी से मैं सबको बचाती हूँ|
इसके लिए रक्षक भी मैं दिलाती हूँ|


खट्टी-मीठी यादें मुझसे सभी पाते हैं|
कुछ ऐसा ही मुझे भी दे जाते हैं|


हर मौसम में चलना मेरा तो काम है|
हो सुफ़ल यात्रा यही मेरा पैगाम है|


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लम्बी दौड़ करके गंतव्य तक जाती हूँ|
सबको उनकी मंज़िल पे आखिर पहुंचती हूँ|


इतना कुछ करना यहाँ नहीं है कोई खेल|
और कोई नहीं मैं, मैं भारतीय रेल|
और कोई नहीं मैं, मैं भारतीय रेल|

मैं भारतीय रेल, मैं भारतीय रेल||

                                                                                        — कृष्ण कुमार कैवल्य


Interesting Poem For Children in Hindi: "भारतीय रेल" से जुड़े कुछ शब्दार्थ / भावार्थ:-


धमनी – रक्तवाहिनी (Artery), दिल से शरीर के अन्य भागों को रक्त पहुंचाने वाली नाड़ी/नली|
रमणी – मनोहारी, सुहानी, प्यारी
ध्येय – उद्देश्य (यहाँ समय पर सुरक्षित रुप से गंतव्य तक पहुँचाने के अर्थ में)|
दामिनी – बिजली, विद्युत्
लौहपथगामिनी – लोहे के बने रास्ते पर चलने वाली|
विविध – अनेक, कई
कुदरत – प्रकृति
व्यंजन – खाने-पीने की चीजें|
अनहोनी – बुरा होने के अर्थ में, अनचाही घटना|
सुफ़ल – सफल
पैगाम – सन्देश
गंतव्य – लक्ष्य, जहां जाना होता है|


Interesting Poem For Children in Hindi: "भारतीय रेल"  ऐसी कविता है जो भारतीय रेल की महत्ता तथा उपयोगिता बताती है| 

यह भारतवर्ष रूपी शरीर की तंत्रिका तंत्र है| इसके बिना परिवहन-व्यवस्था की कल्पना मुश्किल है| इसका चलना उसी प्रकार महत्वपूर्ण है, जिस प्रकार शरीर में हृदय का धड़कना|

भारतीय रेल आम भारतीयों के लिए सबसे महत्वपूर्ण व सस्ती यातायात व्यवस्था है| आवश्यकता पड़ने पर इसे निःशुल्क रुप से भी उपलब्ध करायी जाती है| युद्ध हो या शांति, हर काल में तथा हर परिस्थिति में यह अपनी खास भूमिका का निर्वहन करती चली आई है| यह परम आवश्यक है कि भारतीय रेल पर सरकार का पूर्ण स्वामित्व एवं प्रभुत्व रहे|

भारतीय रेल मानो हम सबसे कहती है –

चाहत है आपसे मेरी, रखें कुछ मेरा ध्यान|
इससे बढ़ जाएगा, यहाँ हम सबका मान|

हम सब भारतीयों को इसकी स्वच्छता का सदैव ध्यान रखना चाहिए, तभी हम भारतीय रेल की गरिमा बरकरार रख पाएंगे|

धन्यवाद्|🙏


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