Interesting poem for children “Indian-Rail” – मैंने यह कविता खासकर बच्चों को ही लक्ष्य कर लिखी है| इसे पढ़कर बच्चों को भारतीय रेल के प्रति जुड़ाव एवं लगाव महसूस होगा|विशेष बात यह है कि इस कविता को मैंने इस प्रकार लिखी है कि इसे गीत रुप में भी गाया जा सकता है|
भारतीय रेल
Image by KARTICK DUTTA from Pixabay
देश रूपी देह की मैं पूरी धमनी हूँ|
राजा हो या हो रंक, सबकी मैं रमणी हूँ|
चलने में छन-छन पायल सी होती है|
चाल मेरी कभी भी लय नहीं खोती है|
आने और जाने की आहट दे जाती हूँ|
बीच-बीच में मैं सिटी भी बजाती हूँ|
मेरे भी रुप कई, कई सारे नाम हैं|
पहचान सबकी अपनी, बहुत सबका मान है|
बहुत ही सधे कदम होते हैं मेरे|
ध्येय मेरे होते एक, नहीं बहुतेरे|
राहों में ढेर सारी बाधाएं आती हैं|
पर मेरे पैर वे रोक नहीं पाती हैं|
मॉडर्न होना भी मुझे बहुत भाता है|
सहारा टेक्निक का लेना मुझे आता है|
चलने में मदद करती है मुझे दामिनी|
मेरा एक अन्य नाम लौहपथगामिनी|
Image by Free-Photos from Pixabay
एक छोर से दूजे छोर तक जाती हूँ|
जीवन के विविध रंग भी मैं दिखाती हूँ|
कुदरत की छटा को दिखाती हूँ पास मैं|
सोंचते हैं सभी छू लेता उन्हें काश मैं|
ख़ूब मौज़-मस्ती उन्हें मैं कराती हूँ|
अच्छे-अच्छे व्यंजन भी उनको दिलाती हूँ|
अनहोनी से मैं सबको बचाती हूँ|
इसके लिए रक्षक भी दिलाती हूँ|
खट्टी-मीठी यादें मुझसे सभी पाते हैं|
कुछ ऐसा ही मुझे भी दे जाते हैं|
हर मौसम में चलना मेरा काम है|
हो सुफ़ल यात्रा होता मेरा पैगाम है|
Also Read funny Story : वो जादूगर
लम्बी दौड़ करके गंतव्य तक जाती हूँ|
सबको उनकी मंज़िल आखिर छोड़ आती हूँ|
इतना कुछ करना नहीं यहाँ है कोई खेल|
और कोई नहीं मैं, मैं भारतीय रेल|
और कोई नहीं मैं, मैं भारतीय रेल||
— कृष्ण कुमार कैवल्य
Interesting poem for children “Indian-Rail” से जुड़े कुछ शब्दार्थ / भावार्थ:-
धमनी – रक्तवाहिनी (artery), दिल से शरीर के अन्य भागों को रक्त पहुंचाने वाली नाड़ी/नली|
रमणी – मनोहारी, सुहानी, प्यारी
ध्येय – उद्देश्य (यहाँ समय पर सुरक्षित रुप से गंतव्य तक पहुँचाने के अर्थ में)|
दामिनी – बिजली, विद्युत्
लौहपथगामिनी – लोहे के बने रास्ते पर चलने वाली|
विविध – अनेक, कई
कुदरत – प्रकृति
व्यंजन – खाने-पीने की चीजें|
अनहोनी – बुरा होने के अर्थ में, अनचाही घटना|
सुफ़ल – सफल
पैगाम – सन्देश
गंतव्य – लक्ष्य, जहां जाना होता है|
Interesting poem for children “Indian-Rail” ऐसी कविता है जो भारतीय रेल की महत्ता तथा उपयोगिता बताती है| यह भारतवर्ष रूपी शरीर की तंत्रिका तंत्र है| इसके बिना परिवहन-व्यवस्था की कल्पना मुश्किल है| इसका चलना उसी प्रकार महत्वपूर्ण है, जिस प्रकार शरीर में हृदय का धड़कना|
भारतीय रेल आम भारतीयों के लिए सबसे महत्वपूर्ण व सस्ती यातायात व्यवस्था है| आवश्यकता पड़ने पर इसे निःशुल्क रुप से भी उपलब्ध करायी जाती है| युद्ध हो या शांति, हर काल में तथा हर परिस्थिति में यह अपनी खास भूमिका का निर्वहन करती चली आई है| यह परम आवश्यक है कि भारतीय रेल पर सरकार का पूर्ण स्वामित्व एवं प्रभुत्व रहे|
भारतीय रेल मानो हम सबसे कहती है –
चाहत है आपसे मेरी, रखें कुछ मेरा ध्यान|
इससे बढ़ जाएगा, यहाँ हम सबका मान|
हम सब भारतीयों को इसकी स्वच्छता का सदैव ध्यान रखना चाहिए, तभी हम भारतीय रेल की गरिमा बरकरार रख पाएंगे|
0 टिप्पणियाँ
दोस्तों,
आपकी प्रतिक्रिया इस shabdsansar blog की साहित्यिक यात्रा की ऊर्जा है। कृपया टिप्पणी करते समय “Name/URL” विकल्प का चयन कर अपना नाम लिखें, ताकि संवाद आत्मीय और सम्मानपूर्ण बना रहे| आपकी प्रत्येक सार्थक टिप्पणी हमारे लिए अमूल्य है|
कभी तकनीकी समस्या आए, तो आप पेज को पुनः लोड करके इसका समाधान कर सकते हैं|
धन्यवाद्|