Dard Bhari Shayari - "Yaaden"

दर्द भरी शायरी - "यादें" -  किसी काल्पनिक नायक की ज़िंदगी का सम्पूर्ण फलसफ़ा है; जो अत्यंत पीड़ादायी है|

 उक्त शायरी में शब्द सीमित एवं भावनाएं असीमित हैं| वैसे भी साहित्यिक रचना करते समय भावनाओं के सागर में उतरना पड़ता है| तब जाकर कहीं एक-दो मोती मिलते हैं| 


मेरी हसरत 




देखने की तुम्हें हसरत है बहुत,

एक बार ही आ जाते तुम काश!

देखने की तुम्हें हसरत है बहुत,

एक बार ही आ जाते तुम काश!

जीने की तनिक अब नहीं है चाहत,

ज़िंदगी मुकम्मिल बन गयी है लाश|

 

महाशून्य अपना ये जहाँ,

नहीं है अब मुझे किसी की तलाश|

महाशून्य अपना ये जहाँ,

नहीं है अब मुझे किसी की तलाश|

यूं तो महफ़िल है भरी-भरी,

पर दिखता ख़ाली ये सारा आकाश|


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यादें


 वक़्त के साथ दर्द हो जाएगा कम,

कह कर यह बढ़ा दिया उसने गम|

वक्त के साथ दर्द हो जाएगा कम,

कह कर यह बढ़ा दिया उसने गम|

अब आया बुलावा ‘उस दुनिया’ से,

बड़ी ख़ुशी से वहां चलें बसने हम|






 बड़ा चैन बड़ी राहत है मिली,

नहीं देखेंगे वो सपने हम|

बड़ा चैन बड़ी राहत है मिली,

नहीं देखेंगे वो सपने हम|

उस कफ़न से आज आज़ादी मिली,

जिसे सालों पहले थे पहने हम|

उस कफ़न से आज आज़ादी मिली,

जिसे सालों पहले थे पहने हम|

- कृष्ण कुमार कैवल्य|

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