Heart-Touching Shayari on Communal-Harmony in Hindi- "आओ साथ चलें" ज़मीर जगाती शायरी है; जो सांप्रदायिक आग में जल रहे समूचे विश्व से प्रेम, शांति और भाईचारे की अपील करती है|
मसले - मसाइल जिंदगी के; हल यहीं करना होगा।
मसले - मसाइल जिंदगी के; हल यहीं करना होगा।
मिसाइल छोड़ भूख-प्यास से; हम सबको लड़ना होगा।
अब भी चेत जाओ पीटर, अशफ़ाक मोहन, बलविंदर;
वरना धरा का नाश तो तय; हरेक को मरना होगा|
मसले-मसाइल जिंदगी के, हल यहीं करना होगा|
मिसाइल छोड़ भूख-प्यास से; हम सबको लड़ना होगा||
Read Heart-Touching Lyric - "दर्द"
बनाई है हमने जो खाई; अपनों औ सपनों के बीच|
बनाई है हमने जो खाई; अपनों औ सपनों के बीच|
अब हमें ही प्यार की मिट्टी से; उन सबको भरना होगा।
मसले-मसाइल जिंदगी के; हल यहीं करना होगा।
मिसाइल छोड़ भूख-प्यास से; हम सबको लड़ना होगा।।
नफ़रत फैलाकर आँसू देकर; चुरायी आँखों की नींद|
नफ़रत फैलाकर आँसू देकर; चुरायी आँखों की नींद|
अब सपने इश्क के आखों में देकर; नींद को हरना होगा|
मसले-मसाइल जिंदगी के; हल यहीं करना होगा|
मिसाइल छोड़ भूख-प्यास से; हम सबको लड़ना होगा
मसले-मसाइल जिंदगी के; हल यहीं करना होगा|
मिसाइल छोड़ भूख-प्यास से; हम सबको लड़ना होगा
-कृष्ण कुमार कैवल्य |
Heart-Touching Shayari on Communal-Harmony in Hindi-" आओ साथ चलें" को मैंने विश्व बंधुत्व के लिए समर्पित किया है|
आज हम इतनी प्रगति कर चुके हैं| फिर भी संप्रदाय, पंथ के नाम पर लड़ रहे हैं| लाखों इंसान जानवर से भी नीचे गिर चुके हैं | यहाँ तक कि उच्च शिक्षित लोग भी जाति, धर्म, पंथ, भाषा, क्षेत्र आदि के नाम पर लड़कर नीचता का नंगा प्रदर्शन कर रहे हैं|
चाहे कोई कितनी भी शिक्षा ले ले या धन इकठ्ठा कर ले; वो इंसान नहीं बन सकता| इंसान होने के लिए उसमें इंसानियत होना परमावश्यक हैं| साथ ही समुचित शिक्षा दिए जाने की आवश्यकता है| वह दिन सम्पूर्ण मानवता के लिए कल्याणकारी होगा; जब लोग अपनी संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठ जाएँगे|


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